जादोपटिया: भारत की संथाल जनजाति की लुप्त होती कला
जादोपटिया या जादू पटिया का इतिहास संथाल समाज के मृत्यु संस्कारों से जुड़ा रहा है. इसके कलाकार जादोपटिया मृत्यु के बाद घरों में जाकर कपड़े या कागज के लंबे पट पर
जादोपटिया या जादू पटिया का इतिहास संथाल समाज के मृत्यु संस्कारों से जुड़ा रहा है. इसके कलाकार जादोपटिया मृत्यु के बाद घरों में जाकर कपड़े या कागज के लंबे पट पर मृत आत्मा का प्रतीकात्मक चित्र बनाते थे. अंतिम क्षण में चित्र पर दो आंखें बनाई जाती थीं, जिसे ‘चोकदान’ (नेत्र दान) कहा जाता था. संथाली भाषा में 'जादो' का अर्थ जादूगर या चित्रकार .